महेंद्रनाथ धाम के आंचल में बसे कमलदाह सरोवर को मिला ‘वेटलैंड’ का दर्जा

 


सीवान, 18 अप्रैल (हि.स.)।

सीवान जिले के ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र महेंद्रनाथ मंदिर परिसर में स्थित कमलदाह सरोवर अब नई पहचान के साथ उभरेगा। इस झील को आधिकारिक तौर पर 'आर्द्रभूमि (वेटलैंड)' के रूप में घोषित किया गया है।

वन विभाग, गोपालगंज की मेघा यादव ने बताया कि इस संबंध में नोटिफिकेशन तैयार कर उच्च स्तर पर भेज दिया गया है। समिति द्वारा प्रस्तावित यह प्रस्ताव कमलदाह झील के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सीसवन खंड में लगभग 151.3 नानक क्षेत्र में स्थित यह फैला हुआ झील झील प्राकृतिक अवशेषों का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि महेंद्रनाथ शिव मंदिर की आध्यात्मिक महिमा से भी जुड़ा हुआ है। 17वीं शताब्दी में नेपाल के राजा महाराजा विक्रमादित्य ने यह मंदिर बनवाया था, जो आज भी आश्रम की चट्टान पर आस्था का केंद्र बना हुआ है। सावन और मनाली के अवसरों पर यहां हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ती है, जिससे यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है।

प्राकृतिक दृष्टि से भी कमलदाह सरोवर की पहचान खास है। हर साल शरद ऋतु में यहां प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है और इसे जीवंत बनाया जाता है। वर्ष 2026 की जलीय पक्षी गणना में यहां रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, फेरुजिन्स डक, नॉर्डर्न पिंटेल, यूरेशियन विजन और कॉमन टील सहित 29 जनजातियों के करीब 1500 से अधिक देशी-विदेशी पक्षी दर्ज किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma