बदलते मौसम का असर: सुपौल सदर अस्पताल की ओपीडी में बढ़ी मरीजों की भीड़

 


सुपौल, 04 अगस्त (हि.स.)। सुपौल सदर अस्पताल में इन दिनों मौसम में आए बदलाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह होते ही ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। इलाज कराने आने वालों में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की संख्या अधिक है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रशासन मरीजों को समय पर पंजीकरण, जांच और उपचार उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाओं को सुचारु रखने में जुटा हुआ है।

अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार वर्तमान समय में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, बदन दर्द, सिरदर्द और गले में खराश से पीड़ित मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जांच के बाद मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जा रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि उमस भरी गर्मी, रुक-रुक कर हो रही बारिश और तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करना, पर्याप्त आराम करना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है। आवश्यकता पड़ने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।

चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि यदि तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में तेज दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न बरतें। ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। समय पर उपचार शुरू होने से बीमारी की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से बदलते मौसम के दौरान सतर्क रहने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि समय पर इलाज, संतुलित आहार, पर्याप्त आराम और आवश्यक सावधानियों का पालन कर वायरल संक्रमण से प्रभावी बचाव किया जा सकता है। फिलहाल सदर अस्पताल सहित जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र बढ़ती मरीजों की संख्या के बीच लगातार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र