मौसम के बदलते ही बच्चों में तेजी से बढ़ रहे वायरल बुखार के मामले
सारण, 08 अगस्त (हि.स.)। छपरा में पिछले एक सप्ताह से वायरल संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सदर अस्पताल से लेकर निजी क्लिनिकों और नर्सिंग होम तक में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार पहली और दूसरी शिफ्ट की ओपीडी में मरीजों का पंजीकरण लगभग दोगुना हो गया है। वहीं निजी क्लिनिकों में इलाज के लिए पहुंचे कुल मरीजों में से लगभग आधे वायरल बुखार से पीड़ित पाए गए हैं।
इस संक्रमण का सबसे अधिक प्रभाव स्कूली और छोटे बच्चों पर देखा जा रहा है। स्कूल से लौटने के बाद बच्चों में तेज बुखार, सर्दी, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभाकर कुमार ने बताया कि बदलते मौसम, तापमान में उतार-चढ़ाव और बीच-बीच में तेज धूप के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे बच्चे तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों को उबला या साफ पानी, ओआरएस का घोल, संतुलित भोजन देने तथा बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक न देने की सलाह दी है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुधांशु शेखर मिश्रा का कहना है कि मरीज शुरुआत में घरेलू नुस्खे अपनाते हैं, जिससे 2 से 4 दिनों में अत्यधिक कमजोरी आ जाती है। यदि बुखार दो दिनों से अधिक समय तक बना रहे, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह और जांच करानी चाहिए।
सदर अस्पताल प्रशासन के अनुसार अस्पताल में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टाइफाइड की जांच की सुविधा निरंतर जारी है। हालांकि, जांचे गए अधिकांश मरीजों में केवल सामान्य वायरल संक्रमण की पुष्टि हुई है और डेंगू का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। डॉक्टरों ने लोगों को घर के आसपास सफाई रखने और जलजमाव न होने देने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार