पटना के निचले इलाकों में लगातार हो रही बारिश से जलभराव की स्थिति

 




पटना, 11 जुलाई (हि.स.)। बिहार में जुलाई माह के शुरुआत से ही मॉनसून पूरी तरह एक्टिव है। शुक्रवार रातभर लगातार हो रही बारिश से पटना के कई इलाकों में जल भराव की स्थिति देखने को मिली है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 को शाम 5:30 बजे से 11 जुलाई 2026 को सुबह 8:30 बजे तक पटना के अनीसाबाद क्षेत्र में 46.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जबकि अगले कुछ घंटों के पूर्वानुमान को देखते हुए, 10 जुलाई 2026 की शाम 5:30 बजे से 11 जुलाई 2026 की शाम 5:30 बजे तक पटना में कुल 75 से 85 मिमी वर्षा होने की संभावना है।

निगम आयुक्त ने खुद ही बारिश को दौरान सड़कों पर निकलकर जलजमाव की स्थिति का जायजा लिया। । उन्होंने संबंधित नगर निकाय एवं अन्य एजेंसियां जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि स्थानीय जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

पटना नगर निगम की टीम भी लगातार फील्ड पर जल निकासी के लिए काम कर रही है। मॉनसून को लेकर सभी वरीय पदाधिकारी, 3 अपर नगर आयुक्त, 2 डीएमसी, सभी कार्यकारी अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) , 19 क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) फील्ड पर उतरी हुई है।

हर टीम में 3 लोग हैं। इन्हें एक-एक गाड़ी दी गई है, ताकि बारिश के दौरान टीमें लगातार क्षेत्र का दौरा कर सकें और जल निकासी कार्यों की निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई कर सकें।

इसी क्रम में हज भवन के समीप पेड़ गिरने की सूचना प्राप्त होने पर पटना नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को हटाया और यातायात व्यवस्था को सामान्य किया। दूसरी ओर बुडको द्वारा भी लगातार शहर के प्रमुख नालों, पंप हाउसों और जलभराव वाले क्षेत्रों की 24 घंटे डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है।

नाले में पानी का स्तर बढ़ते ही ऑटोमैटिक पंप चालू किया गया है। इससे शहर में जलजमाव की स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।

पटना शहर में कुल 56 स्थाई और 35 अस्थाई डीपीएस हैं। वहीं, शहर की जलनिकासी के लिए कुल 364 पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें 265 इलेक्ट्रिक चालित और 99 डीजल पंप शामिल हैं। स्थाई डीपीएस पर 256 पंप और अस्थाई डीपीएस पर 83 पंप लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 8 नए डीपीएस भी तैयार किए गए है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी