मौसम का बदला मिजाज: अप्रैल में ही तेज गर्मी से लोग बेहाल
सुपौल, 06 अप्रैल (हि.स.)। जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अप्रैल की शुरुआत में ही तेज धूप और बढ़ते तापमान ने जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे दोपहर के समय लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
अभी से दोपहर के समय शहर की सड़कों पर छिटफुट रूप से सन्नाटा देखने को मिलने लगा है। लोग तेज धूप से बचने के लिए पेड़ों की छांव में बैठकर राहत लेते नजर आने लगे हैं। मुख्य सड़क पर छात्राएं गमछा ओढ़कर आवागमन करती दिखीं। वहीं मेला ग्राउंड के काली मंदिर प्रांगण में आसपास भी लोग छाया में आराम करते नजर आए। उधर
मौसम में अचानक बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। अनुमंडल अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर लगातार मरीजों की जांच कर दवाइयां दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। गर्मी के असर से शहर के चौक-चौराहों पर ठंडे पेय पदार्थ, शरबत और लस्सी की बिक्री में तेजी आई है।
लोग गर्मी से राहत पाने के लिए इनका सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। दुकानों पर दिनभर भीड़ बनी रहती है। मौसम में हो रहे बदलाव से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। आसमान में उमड़ते बादल और आंधी की संभावना से गेहूं की फसल को नुकसान का डर बना हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि इस समय बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है और आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर अप्रैल में ही इतनी गर्मी पड़ रही है, तो मई और जून में तापमान अधिकतम तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना जताई है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र