विक्रमशिला सेतु मेगा ब्लॉक: प्रशासन ने जारी किया विशिष्ट रूट मैप और अस्थाई बस स्टैंड की सूची

 




भागलपुर, 28 सितंबर (हि.स.)। उत्तर और दक्षिण बिहार को आपस में जोड़ने वाली लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु पर 30 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजे से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाएगी। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी रेस्टोरेशन और नए स्टील ट्रस ब्रिज की लॉन्चिंग के लिए इसे 3 महीनों के लिए बंद किया जा रहा है। 1 अक्टूबर की सुबह से बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन की टीम यहां लगे अस्थाई बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू कर देगी।

आम जनता और यात्रियों की सुविधा के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने विशिष्ट रूट डायवर्जन मैप और बसों के परिचालन के लिए नए अस्थाई बस स्टैंड (पड़ाव) घोषित किए हैं। सेतु ब्लॉक रहने के दौरान भागलपुर के मुख्य शहर में बसों का दबाव कम करने और यात्रियों को घाट तक पहुँचाने के लिए प्रशासन ने रूट के अनुसार पड़ाव तय किए हैं।

उत्तर बिहार और सीमांचल से आने वाली सभी बसें जाह्नवी चौक (नवगछिया) के पास बने अस्थाई बस पड़ाव पर ही रुकेंगी। वहां से यात्री पैदल या ऑटो से जाह्नवी चौक घाट जाएंगे। भागलपुर, बांका या संथार परगना की तरफ से उत्तर बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए बसें जीरो माइल और बियाडा औद्योगिक क्षेत्र के पास बनाए गए अस्थाई बस स्टैंड से खुलेंगी। बियाडा अस्थाई बस स्टैंड से बियाडा घाट (जहां स्टीमर चलते हैं) तक यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए प्रशासन विशेष शटल बसें चलाएगा, ताकि पैदल न चलना पड़े। पुल बंद रहने के दौरान गाड़ियों को गंतव्य तक भेजने के लिए जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने रूट मैप को अंतिम रूप दिया है। जिन्हें भागलपुर शहर से सीधे नवगछिया जाना है, वे अपने छोटे वाहनों को एलसीटी या बड़े जहाजों के जरिए पार कराने के लिए बाबूपुर घाट और राजंदीपुर घाट के रूट मैप का पालन करेंगे। आपातकालीन स्थिति में छोटे वाहन भी सुल्तानगंज-तारापुर मार्ग से होते हुए मुंगेर गंगा पुल का रूट अपना सकते हैं। दोपहिया वाहन, साइकिल और पैदल यात्री के लिए सबसे सुगम रूट बियाडा घाट (बरारी) से जाह्नवी चौक घाट का सीधा जलमार्ग रहेगा। यहां से सुबह 6:00 से शाम 6:00 बजे तक निःशुल्क स्टीमर और क्रूज सेवा उपलब्ध रहेगी। भागलपुर और नवगछिया दोनों छोर के अस्थाई बस स्टैंडों और घाटों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों और पुलिस बलों की 24 घंटे की शिफ्ट में तैनाती की गई है। घाटों के रूट मैप पर साइनबोर्ड लगाए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले मुसाफिरों को रास्ता ढूंढने में परेशानी न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर