महासेतु के कायाकल्प का काम अब निर्णायक दौर में, अगले सप्ताह से शुरू होगी स्टील गर्डर की लॉन्चिंग

 


भागलपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर और दक्षिण बिहार की जीवनरेखा माने जाने वाले अति महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के स्थायी जीर्णोद्धार का कार्य इन दिनों युद्धस्तर पर चल रहा है। सेतु के स्पैन संख्या 36 के पास तीनों कमजोर और क्षतिग्रस्त स्लैब और भारी कंक्रीट गर्डर को कटर मशीनों से काटकर हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस बड़ी बाधा के दूर होने के बाद अब भारी-भरकम स्टील गर्डर को स्थापित करने की तैयारी तेज कर दी गई है।

निर्माण एजेंसी 'एसपी सिंगला' ने बरारी स्थित अपने यार्ड में स्टील गर्डर की असेंबलिंग का काम लगभग पूरा कर लिया है, जिसे जल्द ही हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से पुल पर लॉन्च किया जाएगा। सेतु को भविष्य में सुरक्षित रखने और इसका ढांचागत वजन कम करने के लिए इंजीनियर्स ने बड़ा बदलाव किया है। पुल पर से पुराने कंक्रीट फुटपाथ और रेलिंग को पूरी तरह हटा दिया गया है। इसकी जगह अब आधुनिक लोहे का फुटपाथ और सुरक्षा रेलिंग लगाई जाएगी, जिससे पुल पर अतिरिक्त भार काफी कम हो जाएगा।

वर्तमान में गर्डर को सेट करने के लिए पिलरों पर बेयरिंग लगाने का काम चौबीसों घंटे जारी है, जिसमें करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। बेयरिंग का काम पूरा होते ही 15 से 20 दिनों के भीतर स्टील गर्डर की लॉन्चिंग प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।

इस मरम्मत कार्य का दायरा केवल क्षतिग्रस्त हिस्से तक ही सीमित नहीं है। लंबे समय से रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुके सेतु के सभी 67 एक्सपेंशन ज्वाइंट को हटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इन सभी जगहों पर नए ज्वाइंट्स का फेब्रिकेशन कराकर उन्हें इंस्टॉल किया जाएगा। इसके साथ ही, पुल के बीच में बने पुराने इंस्पेक्शन चेंबर को भी पूरी तरह बदला जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण एजेंसी को पूरे कार्य को 14 जनवरी तक पूरा करने की डेडलाइन दी गई है, ताकि इस रूट पर दोबारा सुचारू रूप से सुरक्षित आवागमन बहाल किया जा सके। भविष्य में पुल को नुकसान से बचाने के लिए नियमित अंतराल पर इसके मेंटेनेंस की एक खास योजना भी तैयार की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर