राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया भारतीय नववर्ष एवं डॉ. हेडगेवार जन्मदिन
- संघ ने किया पटना में कुल 45 स्थानों पर आयोजन
पटना, 19 मार्च (हि.स.)। भारतीय नववर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जन्मदिन के अवसर पर पटना में वर्ष प्रतिपदा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पटना में कुल 45 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए।
इस अवसर पर पटना के समादार पार्क में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रान्त संघचालक राज कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय नववर्ष का आरंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है। इसे सृष्टि के प्रारंभ का द्योतक माना गया है। यह केवल तिथि परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और नवसृजन का जीवंत प्रतीक है। नई पीढ़ी को अपने नववर्ष के बारे में जानकारी और इसका महत्व नहीं पता है, इसी कारण वे विदेशी नववर्ष को धूमधाम से मनाते हैं। हमारे व्रत-त्योहार, विवाह, गृहप्रवेश एवं सभी शुभ कार्य हिन्दू पंचांग के अनुसार ही संपन्न होते हैं, इसलिए पंचांग के माह-तिथि की समझ आवश्यक है।
कदमकुआं स्थित समादर पार्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गौतम बुद्ध नगर के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संघ संस्थापक के जीवन पर प्रकाश डालते हुए राजकुमार सिन्हा ने बताया कि डॉ. हेडगेवार का जन्म भारतीय नववर्ष के शुभ दिन हुआ था और बचपन से ही उनमें प्रखर राष्ट्रभक्ति की भावना निहित थी। अंग्रेजी शासन के अत्याचार एवं हिन्दू समाज की दयनीय स्थिति को देखकर उन्होंने चिकित्सकीय शिक्षा पूर्ण करने के बाद राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया और वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। उन्होंने बताया कि संघ ने व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज देश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर राष्ट्रनिष्ठ एवं चरित्रवान व्यक्ति कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शाखा जाने वाला प्रत्येक स्वयंसेवक अपने क्षेत्र में एक ‘लोकल सेलिब्रिटी’ के समान होता है।
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व संघर्ष और अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में विश्व की आशा भारत और उसके सनातन दृष्टि पर टिकी है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ एवं ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भारतीय अवधारणा वैश्विक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने राम मंदिर निर्माण, धारा 370 हटने जैसे राष्ट्रीय परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना के जागरण का परिणाम है। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों एवं सामाजिक शिष्टाचार के पालन पर विशेष बल दिया। ‘पंच परिवर्तन- सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी एवं नागरिक कर्तव्यबोध' के माध्यम से भारत के विश्व गुरु के ध्येय को साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रख्यात व्यवसायी राधेश्याम बंसल ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक ईमानदार, परिश्रमी और पूर्ण समर्पण भाव से कार्य करने वाले होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण संघ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। कार्यक्रम के बाद मुख्य शिक्षक सोनू कुमार के नेतृत्व में घोष के साथ पथ संचलन का कार्यक्रम किया गया, जिसमें सभी गणवेशधारी स्वयंसेवकों के द्वारा नगर भ्रमण किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी