भाड़े का कमरा दिलाने के बहाने दो बच्चियों को लेकर फरार हुई महिला, पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल

 


भागलपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। भागलपुर रेलवे स्टेशन से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां काम की तलाश में आई एक लाचार मां की दो बच्चियों का अपहरण कर लिया गया।

पीड़ित महिला संतो देवी झारखंड के गोड्डा जिले से अपने तीन बच्चों के साथ रोजगार की आस में भागलपुर पहुंची थी। भागलपुर स्टेशन पर उसकी मुलाकात एक अज्ञात महिला से हुई। पीड़िता को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि जिस महिला को वह मददगार समझ रही है, वही उसकी गोद की दूधमुंही बच्ची को छीन लेगी।

आरोपित महिला ने संतो देवी को झांसा दिया कि वह उसे सस्ते दाम पर भाड़े का कमरा दिला देगी। मदद के बहाने वह पीड़िता को बरारी थाना क्षेत्र के भगत सिंह चौक के पास ले गई। वहां एक मकान में कमरा दिखाने के बहाने आरोपी महिला ने संतो देवी की 9 साल की बड़ी बेटी और 4 महीने की मासूम दूधमुंही बच्ची को अपने पास रख लिया और पलक झपकते ही दोनों बच्चियों को लेकर रफूचक्कर हो गई। बच्चियों के अचानक गायब होने के बाद बदहवास मां बरारी चौक स्थित सब्जी मंडी के समीप बैठकर फूट-फूटकर रोने लगी।

महिला को बदहवास हालत में रोता देख वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने जब पूरी घटना सुनी, तो तुरंत इसकी सूचना बरारी थाना पुलिस को दी। इस संवेदनशील मामले में स्थानीय पुलिस की भारी लापरवाही और सुस्त कार्यशैली सामने आई है।

घटना के तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची। पुलिस ने औपचारिकता पूरी करते हुए फरार महिला की तलाश में रेलवे स्टेशन का रुख किया। पुलिस का दावा है कि फरार महिला दोनों बच्चियों को लेकर काफी देर तक स्टेशन पर ही बैठी हुई थी। लेकिन स्थानीय पुलिस की सुस्ती का फायदा उठाकर आरोपी महिला बच्चियों के साथ स्टेशन पर आने वाली किसी ट्रेन में सवार होकर अपने गंतव्य की ओर निकल गई। घटना सुबह 10:00 बजे की है और पुलिस दोपहर 3:00 बजे तक हाथ-पांव मारती रही, जिससे आरोपी को भागने का पूरा समय मिल गया। पुलिस की इस ढीली कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों में भारी आक्रोश है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच और बच्चियों की तलाश में जुटी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर