गांजा तस्करी में दो अभियुक्तों को 15-15 साल की कठोर कैद, 3 लाख का जुर्माना
किशनगंज, 04 नवंबर (हि.स.)। गांजा तस्करी के मामले में किशनगंज न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए बुधवार को दो अभियुक्तों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर ढेर-ढेर लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-तृतीय अभय श्रीवास्तव की अदालत ने एनडीपीएस के विशेष वाद संख्या 37/2023 में यह फैसला सुनाया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विद्वान लोक अभियोजक प्रणव कुमार ने प्रभावी पैरवी की। मामला कोचाधामन थाना कांड संख्या 144/2023 से जुड़ा है। घटना 14 जून 2023 की है। कोचाधामन पुलिस बहादुरगंज-अररिया मार्ग स्थित एनएच-327ई के चरधरिया चेकपोस्ट पर दोपहर करीब 12 बजे वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान मारुति सुजुकी कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार की डिक्की से सेलोटेप में लपेटकर रखे गए गांजे के 23 पैकेट बरामद हुए।
वजन करने पर कुल 24 किलो 400 ग्राम गांजा पाया गया। पुलिस पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने गांजा सिल्लीगुड़ी से लोड कर मुजफ्फरपुर में सप्लाई करने की बात स्वीकार की थी।इसके एवज में उन्हें प्रति ट्रिप दस हजार रुपये मिलने थे। मामले में सारण जिले के अमनौर निवासी अवधेश कुमार महतो और रोहित कुमार महतो को अभियुक्त बनाया गया था। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल पांच गवाहों के ठोस बयान दर्ज कराए गए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii) के तहत दोषी करार देते हुए 15-15 वर्ष की कठोर सजा सुनाई।
सूखे नशे का कारोबार समाज और युवा पीढ़ी के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में न्यायालय का यह फैसला नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। सरकार ने भी वर्ष 2029 के अंत तक सूखे नशे के कारोबार को पूरी तरह ध्वस्त करने का संकल्प लिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह