सारण के गांवों तक पहुंचेगी अत्याधुनिक इलाज सुविधा
सारण, 13 जनवरी (हि.स.)। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक बदलाव की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री सात निश्चय पार्ट 3 योजना के तहत सारण के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का कायाकल्प कर उन्हें मॉडल स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रथम चरण में दरियापुर, दिघवारा, अमनौर, मांझी और परसा सीएचसी का चयन किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ही मरीजों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा चयनित अस्पतालों का गैप असेस्मेंट किया जा रहा है।
इसके तहत अस्पताल के भवन, चिकित्सा उपकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता का बारीकी से आकलन हो रहा है। सिविल सर्जन डॉ राजकुमार चौधरी ने बताया कि इस आकलन के बाद जो भी कमियां मिलेंगी उन्हें चरणबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा। साथ ही आधुनिक उपकरणों की आपूर्ति और आवश्यक विशेषज्ञों की पदस्थापना भी सुनिश्चित की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने जानकारी दी कि इन केंद्रों में प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह अत्याधुनिक बनाया जाएगा। यहाँ एलडीआर बेड, फीटल डॉप्लर, रेडिएंट वार्मर और मल्टी पैरामीटर मॉनिटर जैसे उपकरण लगाए जाएंगे ताकि नवजात और माता की बेहतर देखभाल हो सके। मातृ एवं स्त्री रोग ओटी में एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, हाइड्रोलिक ऑपरेशन टेबल, डिफिब्रिलेटर और हिस्टेरोस्कोपी जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा जनरल ओटी को भी जीवनरक्षक उपकरणों से लैस किया जाएगा।
इस योजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण मरीजों को अब छोटी-मोटी सर्जरी या गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ सुविधाओं की उपलब्धता से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य इन केंद्रों को जिले के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करना है जिससे आमजन को सुलभ और सुरक्षित इलाज मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार