सारण में जिला प्रशासन के पहल से ट्रांसजेंडर व्यक्ति को मिला पहचान पत्र

 


सारण, 15 मई (हि.स.)। ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा लागू ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिनियम 2019 के तहत जिला प्रशासन एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रयासों से एक ट्रांसजेंडर आवेदक को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र एवं ट्रांसजेंडर पहचान पत्र जारी कर दिया गया है।

जिला बाल संरक्षण इकाई ने इस पूरी प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक हर स्तर पर आवेदक को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया। अधिनियम की धारा 5 के तहत कोई भी ट्रांसजेंडर व्यक्ति पहचान प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद धारा 6 के अंतर्गत जिला दंडाधिकारी द्वारा आधिकारिक प्रमाण-पत्र व पहचान पत्र जारी किया जाता है। अधिनियम की धारा 7 में जेंडर परिवर्तन के बाद संशोधित प्रमाण-पत्र जारी करने का भी विशेष प्रावधान है।

यह आधिकारिक प्रमाण-पत्र ट्रांसजेंडर समुदाय को एक सुदृढ़ कानूनी पहचान प्रदान करता है। इसके आधार पर अब वे पैन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक खाते, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र और ईपीएफओ अभिलेख सहित अन्य सभी जरूरी सरकारी दस्तावेजों में अपने नाम एवं जेंडर परिवर्तन की प्रक्रिया को आसानी से पूरा करा सकते हैं।

इस सेवा का लाभ उठाने के लिए भारत सरकार के आधिकारिक वेबसाइट नेशनल पोर्टल फॉर ट्रांसजेंडर पर्सन्स पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के लिए सामान्यतः एक पहचान पत्र, पासपोर्ट आकार का फोटो, मोबाइल नंबर, पते का प्रमाण और स्व-घोषणा पत्र की आवश्यकता होती है। जिला प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई ने जिले के सभी ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से अपील की है कि वे आगे आएं और इस पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण कराएं, ताकि उन्हें कानूनी पहचान, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिल सके। अधिक जानकारी या सहायता के लिए सीधे जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार