भाजपा का पंडित दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण कार्यक्रम

 




भागलपुर, 12 अप्रैल (हि.स.)। जिले के नाथनगर में भाजपा का महा प्रशिक्षण अभियान जोरों पर है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान के तहत कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा और भविष्य की रणनीतियों से अवगत कराया जा रहा है।

इस दौरान रविवार को मंडल अध्यक्ष मनीष कुमार सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी की मजबूती और निचले स्तर तक काम करने के महत्व पर प्रकाश डाला। यह प्रशिक्षण अभियान न केवल कार्यकर्ताओं को पार्टी की मूल विचारधारा से जोड़ने का प्रयास है, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की एक सोची-समझी रणनीति भी है। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' और 'एकात्म मानववाद' जैसे सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

मनीष कुमार सिंह के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को बौद्धिक और व्यावहारिक रूप से सशक्त बनाना है। प्रशिक्षण में कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। पार्टी की स्थापना के पीछे की विचारधारा और इसके सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रति प्रतिबद्धता वर्तमान युग में सूचनाओं के त्वरित प्रसार और विपक्षी विमर्श के जवाब में सोशल मीडिया की भूमिका। पार्टी के संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने की तकनीक जमीनी स्तर पर संगठन को कैसे और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

इस प्रशिक्षण अभियान का एक मुख्य संदेश यह है कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी विचारधारा में पूरी तरह प्रशिक्षित और परिपक्व होना चाहिए। मनीष कुमार सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी की मजबूती तभी संभव है जब कार्यकर्ता निचले स्तर पर जाकर जनता से संवाद करें।

यह महाप्रशिक्षण अभियान कुल सात सत्रों में विभाजित है, जिनमें से कई सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। प्रत्येक सत्र में अलग-अलग विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रकाश डाला जा रहा है। कार्यक्रम से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। वे न केवल अपने नेतृत्व के करीब आ रहे हैं, बल्कि उन्हें यह भी समझ आ रहा है कि एक अनुशासित और प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत होता है। कुल मिलाकर, भागलपुर के नाथनगर में चल रहा यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने का काम कर रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर