दीक्षांत समारोह के साथ संपन्न हुआ नवीन आचार्य एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग
भागलपुर, 12 जून (हि.स.)। गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर, सैनिक स्कूल, नरगा कोठी, भागलपुर में आयोजित नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग शुक्रवार को दीक्षांत समारोह के साथ संपन्न हुआ।
इसके पूर्व समारोह का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष डॉ. कौशलेन्द्र प्रसाद, भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा, वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह, उप प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार, गयाजी विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार, रोहतास विभाग निरीक्षक धरणीकांत पाण्डेय तथा बांका विभाग के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ प्रारंभ हुआ।
अतिथि परिचय एवं सम्मान का कार्य धरणीकांत पांडेय ने किया। तत्पश्चात वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह ने सभी प्रशिक्षु आचार्यों को दीक्षा दिलाई। वृत कथन प्रस्तुत करते हुए गयाजी विभाग के विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार ने 20 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग की गतिविधियों, विभिन्न सत्रों तथा उपस्थित अधिकारियों एवं आचार्यों की जानकारी दी।
मंच संचालन करते हुए ब्रह्मदेव प्रसाद ने कहा कि सभी के सहयोग एवं समर्पण से यह प्रशिक्षण वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।
लालबाबू प्रसाद ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर जब आचार्य अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाएंगे, तब इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव और ज्ञान उन्हें प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
इस अवसर पर प्रशिक्षु आचार्यों द्वारा तैयार हस्तलिखित पत्रिका का विमोचन भी अतिथियों के कर कमलों से किया गया। अनुभव कथन में प्रशिक्षु आचार्यों ने कहा कि प्रारंभ में वर्ग की दिनचर्या और अनुशासन कठिन प्रतीत हो रहा था, किन्तु प्रधानाचार्य एवं सहयोगी आचार्यों के सतत मार्गदर्शन और आत्मीय सहयोग से यह 20 दिवसीय प्रशिक्षण कब पूर्ण हो गया, इसका अनुभव ही नहीं हुआ।
उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त शिक्षाओं को जीवन एवं कार्यक्षेत्र में उतारने का संकल्प व्यक्त किया। वर्ग के उप प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार ने सभी आगंतुक अतिथियों, अधिकारियों, प्रधानाचार्यों, आचार्यों एवं वर्ग के सफल संचालन में सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा ने कहा कि दीक्षांत समारोह के उपरांत आप सभी प्रशिक्षु नहीं, बल्कि पूर्ण आचार्य बन चुके हैं। अब आपकी जिम्मेदारी है कि प्रशिक्षण वर्ग में प्राप्त संस्कारों, मूल्यों और ज्ञान को समाज तक पहुंचाएं। आपको केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि समाज जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभानी है। तभी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक साकार किया जा सकेगा।
उन्होंने सभी आचार्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर पूर्णकालिक कार्यकर्ता धरणीकांत पांडेय, लालबाबू प्रसाद यादव, रमेश मणि पाठक, गंगा चौधरी, परमेश्वर कुमार, मनमोहन ठाकुर, साकेत कुमार, शंभू कुमार, आलोक कुमार, शशि भूषण मिश्र, ऋचा कुमारी, सुप्रिया कुमारी तथा सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर