जाम से कराह रहा जिला मुख्यालय, चौक-चौराहों पर दिन-रात रेंग रही जिंदगी

 






सुपौल, 04 सितंबर (हि.स.)। जिला मुख्यालय की सड़कों पर जाम की समस्या अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर दिन हो या रात, वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। महज कुछ मिनट की दूरी तय करने में लोगों को कई बार आधे घंटे या उससे अधिक समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।

ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी और बीच-बीच में की जाने वाली कार्रवाई के बावजूद यातायात व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पा रही है। शहर के महावीर चौक, लोहिया नगर चौक, स्टेशन चौक और कीर्तन भवन चौक जाम के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। सुबह बाजार खुलने से लेकर देर शाम बाजार बंद होने तक इन स्थानों पर वाहनों का दबाव बना रहता है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ ई-रिक्शा, टेंपो और अन्य वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही स्थिति को और गंभीर बना देती है। महावीर चौक शहर का सबसे व्यस्त इलाका होने के साथ-साथ सदर अस्पताल के मुख्य मार्ग से जुड़ा है। ऐसे में यहां यातायात व्यवस्था सुचारू रहना बेहद जरूरी है लेकिन अक्सर लगने वाले जाम के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। गंभीर मरीजों को लेकर अस्पताल पहुंच रही एंबुलेंस भी कई बार जाम में फंस जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर मरीज के लिए एक-एक मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अस्पताल के रास्ते में एंबुलेंस का जाम में फंसना चिंताजनक स्थिति है। कई बार सायरन बजने के बावजूद एंबुलेंस को आगे निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती। सड़क पर वाहनों की अव्यवस्थित कतार और आसपास बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण स्थिति और बिगड़ जाती है।

ई-रिक्शा और टेंपो बढ़ा रहे परेशानी

महावीर चौक सहित अन्य प्रमुख चौक-चौराहों पर ई-रिक्शा और टेंपो की अनियंत्रित आवाजाही जाम की बड़ी वजह बनती जा रही है। यात्रियों को बैठाने और उतारने के लिए चालक कई बार चौक के बीच या सड़क किनारे वाहन रोक देते हैं। इससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है और पीछे वाहनों की कतार लग जाती है। इसके अलावा कुछ वाहन चालक जल्द निकलने की होड़ में गलत दिशा से वाहन चलाने लगते हैं। इससे सामने से आने वाले वाहनों के साथ टकराव की स्थिति बनती है और यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है। सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग भी समस्या को गंभीर बना रही है। कई प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी किए जाने की शिकायत लगातार सामने आती रहती है। नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़े करना, गलत दिशा में वाहन चलाना और चौक के बीच यात्रियों को बैठाने-उतारने जैसी गतिविधियों से जाम की स्थिति पैदा होती है। लोगों का कहना है कि केवल ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक योजना तैयार करने की जरूरत है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र