भागलपुर-दुमका मार्ग पर जाम का कहर, वन-वे व्यवस्था ध्वस्त

 


भागलपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग पर इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भारी वाहनों की अनियंत्रित और अवैध आवाजाही के कारण इस मार्ग पर रोजाना लंबा जाम लग रहा है। प्रशासन द्वारा बनाई गई वन-वे व्यवस्था कागजों तक सिमट कर रह गई है, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुख्य मार्ग पर लगने वाले भीषण जाम के कारण स्कूली बच्चे, गंभीर मरीज, नौकरीपेशा लोग, महिलाएं और बुजुर्ग रोजाना घंटों सड़क पर फंसे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय व्यापारियों का कारोबार भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

लोगों का कहना है कि न सिर्फ उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि अनियंत्रित भारी वाहनों के कारण हर वक्त बड़ी सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वर्ष 2019 में जगदीशपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद उग्र प्रदर्शन और आगजनी की घटना हुई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत जगदीशपुर से भागलपुर की ओर आने वाले भारी वाहनों पर नो-एंट्री लागू की गई थी।

भागलपुर से हंसडीहा की ओर जाने वाले भारी वाहनों को लोदीपुर-गोराडीह मार्ग से डाइवर्ट कर वन-वे व्यवस्था बनाई गई थी। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि जगदीशपुर और बाईपास थाना क्षेत्र की पुलिस की सुस्ती के कारण वर्तमान में इस ट्रैफिक प्लान की धज्जियां उड़ रही हैं। पुलिस की नाक के नीचे से भारी वाहन प्रतिबंधित समय और रूट पर मुख्य मार्ग में प्रवेश कर रहे हैं।

इस संबंध में जब बाईपास थाना अध्यक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनकी तरफ से कोई स्पष्ट पक्ष सामने नहीं आ सका। क्षेत्र की जनता ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि वन-वे व्यवस्था को सख्ती से धरातल पर उतारा जाए। नियमित जांच अभियान चलाकर नो-एंट्री तोड़ने वाले वाहन चालकों और वसूली करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब क्षेत्र के लोगों की नजरें इस गंभीर मामले पर वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर