नालन्दा में अरहर की खेती को बढ़ावा देने के लिए 20 प्रखण्डों में किसानों को कृषि सामग्री किया गया वितरित

 


नालंदा, बिहारशरीफ 29 जुलाई (हि.स.)। नालंदा जिले के 20 प्रखंडों में अरहर की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा उत्पादकता में वृद्धि के उद्देश्य से कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण,(आत्मा) नालन्दा के तत्वावधान में बुधवार को जिले के सभी 20 प्रखण्डों में प्रत्यक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस दौरान प्रत्येक प्रखण्ड से 3-3 किसानों का चयन कर उन्हें अरहर की खेती के लिए आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराई गई।किसानों को आधार बीज, माइकोराइजा जैव उर्वरक, इमीदाक्लोप्रिड, इमैमेक्टिन बेंज़ोएट जैसे कृषि उत्पाद, कीट नियंत्रण संबंधित सामग्री वितरित की गई। साथ ही किसानों को बीज उपचार, फसल प्रबंधन, पौधों के समुचित पोषण तथा समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण के संबंध में आवश्यक तकनीकी जानकारी भी दी गई।

माइकोराइजा एक लाभकारी जैव उर्वरक है, जो पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध स्थापित कर फॉस्फोरस एवं अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है। इसके उपयोग से जड़ों का बेहतर विकास होता है, पौधों की वृद्धि एवं मजबूती बढ़ती है, सूखा जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों को सहन करने की क्षमता में सुधार होता है तथा मिट्टी के सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ने से मृदा स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।

परिणामस्वरूप फसल की उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि होने की संभावना रहती है। इस संबंध मेंजिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को देखकर सीखने के सिद्धांत पर उन्नत कृषि तकनीकों से परिचित कराना है।

प्रदर्शन प्लॉट पर किसान स्वयं उन्नत किस्म, वैज्ञानिक खेती की विधियों तथा माइकोराइजा जैसे जैव उर्वरकों के प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे। इससे उन्हें नई तकनीकों पर विश्वास बढ़ेगा और वे इन्हें अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी एवं सहायक निदेशक, बीज विश्लेषण के साथ सभी प्रखण्डों के एटीएम, बीटीएम भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे तथा उन्होंने किसानों को अरहर की उन्नत खेती के लिए विभिन्न वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी।

अधिकारियों ने किसानों से उपलब्ध कराई गई सामग्री का उचित एवं वैज्ञानिक उपयोग करने तथा आत्मा द्वारा बताई गई तकनीकों को अपनाने की अपील की है।आत्मा नालन्दा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों तक नवीन कृषि तकनीकों एवं आवश्यक कृषि निवेशों को पहुंचाना, अरहर की उत्पादकता बढ़ाना, कीट एवं रोगों का समय पर प्रबंधन करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।

इस पहल से किसानों को अरहर की वैज्ञानिक खेती के लिए प्रायोगिक तकनीकी ज्ञान के साथ आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध हुई है, जिससे जिले में दलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा ।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे