बिहार पुलिस एवं एनआईसी बिहार द्वारा डिजिटल पुलिसिंग के लिए नालंदा के 34 थानों में लगाए गए कृत्रिम उपकरण
नालंदा, बिहारशरीफ 25 मई (हि.स.)। बिहार पुलिस द्वारा सीसीटीएनएस सीएएस के प्रभावी कार्यान्वयन का दायित्व राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), बिहार को सौंपा गया है। इसी क्रम में आज सोमवार को एनआईसी बिहार द्वारा राज्यभर के नवस्थापित 343 पुलिस थानों हेतु सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला को बिहार राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न जिलों से जुड़े प्रतिभागियों से संवाद करते हुए सभी नवस्थापित पुलिस थानों में सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 परियोजना के सफल क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।
उन्होंने बिहार को सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 के कार्यान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार द्वारा विकसित नवाचार, कार्यप्रणालियां एवं सॉफ्टवेयर कार्यान्वयन मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।
डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी उल्लेख किया कि एनआईसी बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार कई उत्कृष्ट पद्धतियों का योगदान दिया है तथा परियोजना के कार्यान्वयन के दौरान उच्च गुणवत्ता एवं मानकों को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के प्रतिनिधियों द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 की प्रमुख विशेषताओं एवं कार्यप्रणालियों का विस्तृत प्रदर्शन किया गया।
एनआईसी बिहार के एसटीडी नवीन कुमार ने प्रतिभागियों को परियोजना की कार्यान्वयन रणनीति एवं रोलआउट योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। वहीं संयुक्त निदेशक राम भगवान सिंह, संयुक्त निदेशक प्रदीप नायक एवं उप निदेशक अभिषेक कुमार द्वारा सीसीटीएनएस सीएएस 1.0 के सभी मॉड्यूल पर विस्तृत प्रशिक्षण सत्र संचालित किए गए।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए परियोजना के प्रति उत्साह एवं सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान राज्यभर के जिला सूचना-विज्ञान पदाधिकारियों ने तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को मॉड्यूल की व्यावहारिक समझ विकसित करने में सहयोग किया। उनके समन्वय एवं सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल एवं सुचारू संचालन संभव हो सका।
नालंदा जिले से जिला सूचना-विज्ञान पदाधिकारी अजीत कुमार, डीआरएम तनवीर आलम, नेटवर्क इंजीनियर नीरज कुमार सिंह एवं आशीष रंजन ने कार्यशाला में सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही नालंदा जिले के चयनित 8 थानों के थानाध्यक्षों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे