शिक्षा मंत्री से मिले शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक, पूर्णकालिक सेवा का मिला आश्वासन

 


भागलपुर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। एमएलसी चुनाव की जनसभा को संबोधित करने बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भागलपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के पक्ष में मतदान करने की अपील की। जनसभा के दौरान ही शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की लगभग 80 सदस्यीय टीम ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उनके समक्ष रखा।

शिक्षा मंत्री से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद अब अनुदेशकों में अपनी पूर्णकालिक सेवा की मांग पूरी होने की बड़ी उम्मीद जगी है। शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक भागलपुर इकाई के अध्यक्ष अभय मिश्रा के नेतृत्व में पहुंचे अनुदेशकों ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का अंगवस्त्र और फ्रेम भेंट कर भव्य स्वागत किया। इसके बाद अनुदेशकों की टीम ने अपनी मांगों से संबंधित एक मांग पत्र शिक्षा मंत्री को सौंपा। अनुदेशकों ने अपनी सेवाओं को अंशकालिक (पार्ट-टाइम) से पूर्णकालिक (फुल-टाइम) करने की मांग को दोहराते हुए सरकार से इस दिशा में जल्द से जल्द ठोस पहल करने का आग्रह किया।

जनसभा के दौरान मंच पर मौजूद वर्तमान एमएलसी सह प्रत्याशी डॉ. एनके यादव, भाजपा की बिहार प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर, भाजपा विधायक रोहित पांडे और भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार ने भी शिक्षा मंत्री का ध्यान अनुदेशकों की समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया। सभी नेताओं ने मिलकर अनुदेशकों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया और इनके जल्द समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की मांगों पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंच से ही उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में काम करने का भरोसा दिया। शिक्षा मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि इस विषय को लेकर विभाग द्वारा एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की जा रही है और जल्द ही इस पर काम पूरा कर लिया जाएगा।

जनसभा के समापन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि अनुदेशकों सहित सभी लोग उनसे मिले हैं और सरकार एक-एक करके सभी के जायज काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि सभी की मनोकामनाओं को सिद्ध करने का नाम ही एनडीए सरकार है। शिक्षा मंत्री के इस बड़े आश्वासन के बाद शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की नजरें अब सरकार की अगली कार्रवाई और एसओपी के तैयार होने पर टिकी हैं, जिससे उन्हें जल्द ही सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर