गंगा के उफान से टीएमबीयू परिसर जलमग्न; हॉस्टल खाली, पठन-पाठन ठप

 


भागलपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। भागलपुर में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय की मुश्किलें अत्यधिक बढ़ा दी हैं। बाढ़ का पानी अब विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन से लेकर सीनेट हॉल और विभिन्न कॉलेजों के परिसरों तक में फैल चुका है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोग रोजमर्रा के कामकाज के लिए नावों का सहारा लेने को मजबूर हैं। चारों तरफ गंभीर जलजमाव होने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बाढ़ के पानी के कारण विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। टीएमबीयू के अंतर्गत आने वाले सिटी कॉलेज और पीएनए साइंस कॉलेज की कक्षाओं को पानी भरने के कारण बंद करना पड़ा है।

मारवाड़ी कॉलेज के हॉस्टल रोड और महिला छात्रावासों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर छात्राओं को तुरंत हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद छात्राएं अपने घर लौटने को मजबूर हैं। विश्वविद्यालय पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का कहना है कि हर साल बाढ़ के कारण पढ़ाई बाधित होती है। प्रशासन को जल्द से जल्द ऑनलाइन कक्षाओं या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए ताकि जरूरी शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हों।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी को देखते हुए छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। इसी वजह से जलमग्न हो चुके हॉस्टलों को समय रहते खाली कराया गया है। यदि आने वाले दो से तीन दिनों में पानी का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा और प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप होने की नौबत आई, तो जरूरी आधिकारिक कार्यों को अन्य सुरक्षित स्थानों से संचालित करने और विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक डिजिटल माध्यमों को अपनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। प्रशासन जिला प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। फिलहाल, गंगा के इस रौद्र रूप के सामने विश्वविद्यालय का कामकाज बुरी तरह प्रभावित है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर