टिन के जर्जर भवन में चल रही पढ़ाई, आदर्श मध्य विद्यालय बेलही में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
सुपौल, 14 अक्टूबर (हि.स.)।
जिले के मरौना प्रखंड के बेलही स्थित आदर्श मध्य विद्यालय बेलही में जर्जर भवन के बीच बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। टिन और पुरानी ईंटों से बने भवन की खराब स्थिति के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गर्मी के दिनों में जहां बच्चों को कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करने में परेशानी होती है, वहीं बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और कमरों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनायक प्रसाद यादव ने जर्जर भवन की जगह नया पक्का भवन बनवाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान, सुपौल को पत्र लिखकर विद्यालय की स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध कमरों की स्थिति का हवाला देते हुए नए भवन के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। प्रधानाध्यापक विनायक प्रसाद यादव के अनुसार, विद्यालय में वर्तमान में कक्षा एक से आठ तक करीब एक हजार छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के पठन-पाठन के लिए पर्याप्त और सुरक्षित कमरों की जरूरत है। विद्यालय के सामने पक्की सड़क है। सड़क के दूसरी ओर चार कमरों वाला एक पक्का भवन भी मौजूद है, लेकिन वह काफी जर्जर स्थिति में है।
इस कारण वह पठन-पाठन के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने बताया कि विद्यालय परिसर में दो पक्के भवन हैं। इनमें एक कमरे का उपयोग कार्यालय के रूप में किया जाता है, जबकि दूसरे में मध्याह्न भोजन से संबंधित सामग्री का भंडारण होता है। ऐसे में पढ़ाई के लिए मुख्य रूप से छह कमरों वाले टिन और पुरानी ईंटों से निर्मित भवन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रधानाध्यापक के मुताबिक, टिन और पुरानी ईंटों से बना भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। गर्मी के दिनों में कमरों के भीतर बच्चों को बैठकर पढ़ाई करने में परेशानी होती है। वहीं, बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के साथ कमरों में पानी जमा हो जाता है। इससे बच्चों को बैठने और नियमित रूप से पढ़ाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विद्यालय की समस्याओं को देखते हुए प्रधानाध्यापक ने वर्तमान जर्जर टिन भवन के स्थान पर चार कमरों वाले पक्के भवन के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारी से मामले पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में पत्राचार किया गया है। अब विद्यालय में नए भवन के निर्माण की मांग पर संबंधित विभाग की पहल का इंतजार है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र