वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष्य के वनवर्ती क्षेत्र में बाघ का आतंक, खेत में काम कर रही महिला की मौत
पश्चिम चम्पारण (बगहा), 31 जुलाई(हि.स.)। वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष्य (वीटीआर) के वनवर्ती इलाकों में बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को एक ग्रामीण पर हमला के बाद शुक्रवार को मदनपुर वन क्षेत्र में खेत में काम कर रही एक महिला को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण जंगल से सटे खेतों में जाने से भी डर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार नौरंगिया थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-13 निवासी रामायण चौधरी की पत्नी उमरावती देवी (45 वर्ष) मदनपुर वन क्षेत्र के दुर्गम मिश्रौलिया रेता स्थित अपने धान के खेत में सोहनी (निराई) कर रही थी, इसी दौरान पास के गन्ना के खेत से निकले बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए गन्ना के खेत में ले गया।
महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूर और ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। लोगों के शोर-शराबे के बाद बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। हालांकि जब तक ग्रामीण महिला तक पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व वन प्रमंडल-दो के मदनपुर वन क्षेत्र पदाधिकारी नसीम अंसारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहीं नौरंगिया थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र बाघ सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही वाला संवेदनशील इलाका है। लगातार दूसरे दिन बाघ के हमला की घटना सामने आने से वनवर्ती गांवों में भय का माहौल है।
गुरुवार को वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में बकरी चरा रहे अकलू यादव पर भी बाघ ने हमला कर दिया था। आसपास मौजूद लोगों की सतर्कता से उनकी जान बच गई, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसका इलाज जीएमसीएच बेतिया में चल रहा है।
दो दिन में हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से मृतक महिला के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने, बाघ की निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त कराने तथा खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।
वन विभाग ने भी ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल से सटे खेतों में अकेले न जाएं, समूह में कार्य करें तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द नाथ तिवारी