गर्भ से सुरक्षित प्रसव तक नहीं टूटेगा स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र

 


किशनगंज, 08 अक्टूबर (हि.स.)। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की पहल शुरू की है। जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर जिले में आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम के लिए पांच प्रकार के रजिस्टरों को अद्यतन करने को लेकर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। गुरुवार को कोचाधामन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित कार्यशाला में गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और योग्य दंपतियों की पहचान कर उनका अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करने तथा संबंधित जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज करने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि एक भी गर्भवती महिला, नवजात या योग्य दंपति स्वास्थ्य सेवाओं के सुरक्षा चक्र से बाहर नहीं रहे। समय पर गर्भावस्था की पहचान होने से प्रसव पूर्व जांच, पोषण संबंधी परामर्श, जोखिम की पहचान और संस्थागत प्रसव की तैयारी सुनिश्चित की जा सकेगी। वहीं नवजात की समय पर पहचान से जन्म के बाद जरूरी देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी आसान होगी। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या छूट की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना, सुरक्षित प्रसव कराना तथा मां और नवजात को आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व के लिए गर्भावस्था की शुरुआत से ही नियमित निगरानी जरूरी है। आशा और एएनएम के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ने तथा संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अद्यतन रजिस्टर महज अभिलेख नहीं, बल्कि जरूरतमंद लाभार्थी तक समय पर स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का माध्यम हैं। गृह प्रसव मुक्त पंचायत के लक्ष्य को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। पांच रजिस्टरों के अद्यतन और डिजिटल निगरानी से गर्भावस्था से लेकर सुरक्षित प्रसव और नवजात की देखभाल तक स्वास्थ्य सेवाओं की कड़ी मजबूत होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह