कन्हैया जी में पुरातत्व विभाग ने संरक्षित किया ऐतिहासिक स्थल, भगवान श्री कृष्ण से जुड़ा हुआ मंदिर
किशनगंज, 14 अगस्त (हि.स.)। ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र की बंदरझूला पंचायत अंतर्गत कन्हैया जी में पुरातत्व विभाग द्वारा ऐतिहासिक स्थल को संरक्षित करते हुए सूचना पट लगाया गया है। स्थल पर लगाए गए सूचना पट में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा इसे संरक्षित स्मारक से संबंधित क्षेत्र बताया गया है।
साथ ही 100 मीटर के दायरे को निषिद्ध तथा 200 मीटर तक के क्षेत्र को विनियमित क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है। शुक्रवार की सुबह मौके पर मौजूद पुरातत्व विभाग के एक कर्मी ने बताया कि उन्हें स्थल की देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग की खोज के दौरान यहां भगवान श्री कृष्ण से संबंधित मंदिर के अवशेष/स्थल मिलने की जानकारी सामने आई थी।
हालांकि, कर्मी ने अपना नाम बताने से इनकार कर दिया।
मौके पर स्थिति यह दिखी कि पत्थर की दीवार और लोहे की घेराबंदी से घिरे परिसर के अंदर दर्जनों मवेशियों को बांधा गया था। पुरातत्व विभाग के कर्मी द्वारा मवेशियों को परिसर से बाहर हटाया जा रहा था। कर्मी ने बताया कि कुछ लोग लोहे के गेट को खोलकर मवेशियों को अंदर प्रवेश करा देते हैं, जिससे संरक्षित परिसर की सुरक्षा प्रभावित होती है। इस संबंध में पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि आदित्य कुमार गणेश, पूर्व मुखिया अजय कुमार सिन्हा का कहना है कि ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व वाले इस स्थल को यदि व्यवस्थित तरीके से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए और यहां पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो दूर-दराज से भी लोग इसे देखने पहुंच सकते हैं। इस मंदिर का इतिहास सैकड़ो साल पुराना बताया जा रहा है।
स्थल के विकास से न केवल क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। लोगों ने संबंधित विभाग एवं प्रशासन से स्थल की बेहतर सुरक्षा, साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास की दिशा में पहल करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किए गए इस ऐतिहासिक स्थल को सिर्फ सूचना पट और घेराबंदी तक सीमित रखा जाएगा या इसे भविष्य में क्षेत्र के एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल भी होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह