*एसएसबी 21वीं वाहिनी ने गंभीर हालत में गर्भवती महिला को पहुंचाया अस्पताल*
पश्चिम चंपारण (बगहा), 9 सितंबर(हि.स. )। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एसएसबी 21वीं वाहिनी के जवानों ने बुधवार को एक गर्भवती महिला की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गंभीर स्थिति में महिला को जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकारी वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वाल्मीकिनगर पहुंचाया, जहां उसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे सीमा चौकी झंडूटोला के कार्यक्षेत्र (AOR) अंतर्गत बिनटोला गांव की एक गर्भवती महिला की अचानक तबीयत गंभीर हो गई। इसकी सूचना मिलते ही एसएसबी 21वीं वाहिनी के कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत के तत्काल निर्देश पर सीमा चौकी चकदावा की RRT टीम एवं जवान सक्रिय हो गए।
जवानों ने बिना समय गंवाए महिला को सरकारी वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, वाल्मीकिनगर पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला की जांच कर आवश्यक उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और चिकित्सा सहायता मिलने के बाद महिला की स्थिति सामान्य एवं स्थिर बताई गई।
सीमावर्ती क्षेत्र में एसएसबी जवानों की इस त्वरित मानवीय पहल की स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि एसएसबी केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय सीमावर्ती गांवों के लोगों की सहायता के लिए भी तत्पर रहती है।
एसएसबी 21वीं वाहिनी द्वारा समय-समय पर सीमावर्ती क्षेत्रों में चिकित्सा सहायता, आपदा के समय राहत एवं अन्य मानवीय गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय लोगों की मदद की जाती रही है। गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाने की इस कार्रवाई ने एक बार फिर ‘सीमा सुरक्षा के साथ मानव सेवा’ के एसएसबी के संकल्प को रेखांकित किया है।
हिन्दुस्थान समाचार/अरविंद नाथ तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द नाथ तिवारी