गांजा तस्करी मामले में दो को दस वर्षों का सश्रम कारावास

 


पूर्वी चंपारण,13 अप्रैल (हि.स.)। स्वापक औषधि और मन प्रभावी अधिनियम कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने गांजा तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद दो अभियुक्तों को दस वर्षों का सश्रम कारावास एवं प्रत्येक को पचास-पचास हजार रूपए अर्थ दंड की सजा सुनाए।

अर्थ दंड नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा पश्चिमी चंपारण गोपालपुर थाना के शिवाघाट तेगरहिया निवासी राज मियां के पुत्र आजाद हुसैन एवं नेपाल परसा थाना पथरहिया कटेया दरबाना निवासी स्व.जूमराती मियां के पुत्र जल्लाद अंसारी उर्फ नूर होदा को हुई। मामले में तत्कालीन बंजरिया थानाध्यक्ष प्रभाकर पाठक ने तुरकौलिया (बंजरिया) थाना कांड संख्या 1098/2023 दर्ज कराते हुए दोनों को नामजद किया था। जिसमें कहा था कि 23 सितंबर 2023 को गुप्त सूचना मिली कि बोलेरो गाड़ी से भारी मात्रा में बिक्री के लिए गांजा लेकर तस्कर सेमरा से मोतिहारी की ओर जा रहे हैं।

सूचना के आलोक में वरीय पदाधिकारी के आदेशानुसार दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी बंजरिया के उपस्थिति में एनएच 28 पर वाहन जांच शुरू की गई। करीब 10.30 बजे एक सिल्वर रंग का बोलेरो आया जो पुलिस को देखकर भागना चाहा। परंतु पुलिस बल ने चालक व बोलेरो में बैठे एक व्यक्ति को धर दबोचा। बोलेरो की जांच के दौरान पीछे के सीट के नीचे छुपाकर रखे एक बंडल में 46 किलो प्रतिबंधित गांजा बरामद किया गया। एनडीपीएस वाद संख्या 08/2024 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक डॉ. शंभू शरण सिंह ने चार गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 20(बी)ii(सी) एवं 25 एनडीपीएस एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार