सुपौल में 4 जुलाई से चलेगा व्यापक टीबी स्क्रीनिंग अभियान

 


सुपौल, 03 जुलाई (हि.स.)। जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में टी.बी. मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और 100 प्रतिशत टीबी स्क्रीनिंग के लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करने पर जोर दिया गया जिलाधिकारी ने बताया कि 4 जुलाई 2026 से जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और सदर अस्पताल में प्रतिदिन व्यापक स्तर पर टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप टीबी स्क्रीनिंग, एक्स-रे, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी),डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, निश्चय मित्र योजना तथा फूड बास्केट वितरण सहित सभी निर्धारित संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए।

अभियान की नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण के लिए जिला स्तर से वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, जीविका के प्रखंड प्रबंधक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी संयुक्त रूप से अभियान की निगरानी करेंगे।

वहीं समुदाय स्तर पर विकास मित्र, आंगनबाड़ी सेविकाएं, जीविका दीदियां, कृषि सलाहकार तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि जन-जागरूकता फैलाने और अधिक से अधिक लोगों को स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित करने का कार्य करेंगे। आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर संभावित टीबी रोगियों और उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें जांच केंद्रों तक लाने तथा टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है।

निर्धारित कार्ययोजना के तहत प्रत्येक चलंत चिकित्सा दल प्रतिदिन कम-से-कम 150 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग करेगा। जिले के सभी 11 प्रखंडों में प्रतिदिन कुल 7,250 लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना, टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान करना और सुपौल को टीबी मुक्त जिले के रूप में स्थापित करना है।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र