132 टीबी मरीजों को मिला फूड बास्केट, डीएम बोले- नियमित दवा और पौष्टिक आहार से टीबी पूरी तरह ठीक संभव

 




सुपौल, 25 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को सदर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सावन कुमार एवं सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने 132 टीबी (यक्ष्मा) मरीजों के बीच पोषण सामग्री (फूड बास्केट) का वितरण किया। इस दौरान मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, पौष्टिक आहार ग्रहण करने तथा चिकित्सकीय परामर्श का पूरी तरह पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि टीबी पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। समय पर जांच, नियमित दवा सेवन और संतुलित पोषण के माध्यम से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की अपील की।

सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने बताया कि राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मरीजों को निःशुल्क जांच, दवा एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिले में प्रतिदिन लगभग 25 हजार लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा रही है। अब तक जिले में 951 स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 4,62,914 लोगों की जांच की गई। स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के संभावित लक्षण वाले 46,027 लोगों का एक्स-रे तथा 5,672 लोगों का नाट टेस्ट किया गया, जिसमें अब तक 935 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई है।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक बाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि शनिवार को 132 मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया। इससे पहले 183 मरीजों को भी पोषण किट उपलब्ध कराई जा चुकी है। जिले में अब तक कुल 502 टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए जा चुके हैं और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी मरीजों से उपचार की पूरी अवधि तक नियमित दवा लेने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन करने तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की अपील की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र