टीबी मुक्त भारत अभियान : सीवान के 357 गांवों में 17.38 लाख लोगों की होगी स्क्रीनिंग

 

सीवान, 21 जुलाई (हि.स.)।जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को नई गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्क्रीनिंग अभियान की तैयारी पूरी कर ली है। अभियान के तहत जिले के सभी 19 प्रखंडों के 357 गांवों का चयन किया गया है, जहां कुल 17,38,732 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान का उद्देश्य टीबी के छिपे हुए मरीजों की समय रहते पहचान कर उनका शीघ्र उपचार शुरू करना है, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिले को पांच हैंड हेल्ड एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों की जांच करेंगी.साथ ही जांच कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए दो लैब टेक्नीशियन की भी पदस्थापना की गई है। इसके अलावा जिले की ओपन आरटी-पीसीआर लैब में बिना लक्षण वाले संभावित टीबी मरीजों की जांच भी शुरू कर दी गई है। इससे ऐसे संक्रमित लोगों की पहचान संभव होगी, जिनमें बीमारी के स्पष्ट लक्षण नहीं हैं, लेकिन संक्रमण मौजूद है।

प्रखंडवार चयनित गांवों में सबसे अधिक 39 गांव पचरुखी से शामिल किए गए हैं, जहां 1,46,119 लोगों की स्क्रीनिंग होगी। इसके अलावा सीवान सदर प्रखंड के 30 गांवों में 2,61,847, हुसैनगंज के 27 गांवों में 1,48,235, बड़हरिया के 32 गांवों में 1,43,026, गोरेयाकोठी के 28 गांवों में 1,31,880, महाराजगंज के 30 गांवों में 1,30,095 तथा दरौंदा के 30 गांवों में 1,19,417 लोगों की जांच की जाएगी. शेष प्रखंडों के चयनित गांवों में भी चरणबद्ध तरीके से स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि, टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चयनित गांवों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा।

एआई आधारित पोर्टेबल एक्स-रे मशीन और ओपन आरटी-पीसीआर लैब जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बिना लक्षण वाले संभावित मरीजों की भी पहचान की जा सकेगी। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति की समय पर जांच कर उसे तत्काल उपचार से जोड़ा जाए। जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से ही टीबी मुक्त सीवान और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रखंडों की टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. विभाग का लक्ष्य है कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान की जाए और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma