गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट, डीएम ने तटवर्ती क्षेत्रों का किया निरीक्षण

 


बक्सर, 01 सितंबर (हि.स.)। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए बक्सर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मंगलवार को जिला पदाधिकारी साहिला ने सिमरी अंचल के लाल सिंह का डेरा समेत तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति, प्रभावित होने वाले क्षेत्रों तथा प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

गंगा का जलस्तर मंगलवार को 60.17 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 1948 में दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर 62.09 मीटर रहा है। खतरे के निशान से महज कुछ सेंटीमीटर नीचे पहुंच चुके जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती और दियारा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने सिमरी के अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि आबादी वाले एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था के साथ नाविकों और प्रशिक्षित स्थानीय गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों के सुरक्षित आवागमन और राहत-बचाव कार्य में संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।

जिला प्रशासन के अनुसार बक्सर, चौसा, सिमरी, चक्की और ब्रह्मपुर के दियारा क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। तटबंधों पर 24 घंटे गश्त के साथ एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों को भी मुस्तैद रखा गया है। अंचलों द्वारा आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त संख्या में नावों का परिचालन एवं व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

मौसम सेवा केंद्र ने 02 सितंबर तक जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है, ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

डीएम ने अधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने को कहा है। वहीं, जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे, जलमग्न क्षेत्रों और तटबंधों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं।

घाटों पर स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने से बचें और आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई नावों का ही उपयोग करें। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने तथा बाढ़ और मौसम से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra