153 करोड़ का बजट पेश, क्लॉक टावर और मल्टी लेवल पार्किंग से बदलेगा सुपौल का स्वरूप
सुपौल, 28 फ़रवरी (हि.स.)। सुपौल नगर परिषद का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सत्र मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक में उप मुख्य पार्षद रजिया प्रवीण, कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह एवं सभी वार्ड पार्षद उपस्थित रहे। इस दौरान पिछले वित्तीय वर्ष के आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया तथा आगामी वर्ष की विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
नगर परिषद ने वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 153 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया है। बजट के अनुसार 20 करोड़ रुपये का ओपनिंग बैलेंस रखा गया है, जबकि कुल राजस्व प्राप्ति 48.46 करोड़ रुपये और पूंजीगत प्राप्ति 91.41 करोड़ रुपये आंकी गई है।
प्रस्तावित योजनाओं में नाली-गली निर्माण के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है ताकि शहर की जलजमाव समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। शहर की पहचान को नया स्वरूप देने के लिए 50 लाख रुपये की लागत से क्लॉक टावर का निर्माण किया जाएगा। व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु 2 करोड़ रुपये से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, वहीं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 1 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग निर्माण की योजना है।
इसके अलावा शहर में बेहतर रोशनी व्यवस्था के लिए 5 करोड़ रुपये स्ट्रीट लाइट पर खर्च किए जाएंगे। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 3.87 करोड़ रुपये कचरा प्रबंधन पर व्यय किए जाएंगे। वेतन एवं प्रशासनिक मद में 7.79 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
आय के प्रमुख स्रोतों में होल्डिंग टैक्स से 3.44 करोड़ रुपये तथा स्टाम्प ड्यूटी से 6.60 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त केंद्र एवं राज्य सरकार से लगभग 124 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में मिलने की संभावना जताई गई है। मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ने कहा कि यह बजट शहर के समग्र और संतुलित विकास की रूपरेखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर परिषद की प्राथमिकता बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना, स्वच्छता व्यवस्था में सुधार लाना और शहर को व्यवस्थित स्वरूप देना है। क्लॉक टावर और मल्टी लेवल पार्किंग जैसी योजनाएं न केवल शहर की पहचान मजबूत करेंगी, बल्कि यातायात व्यवस्था को भी नई दिशा देंगी।
कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने इसे संतुलित एवं व्यवहारिक बजट बताते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों और संभावित अनुदान को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की गई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी स्वीकृत योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा तथा आंतरिक संसाधनों को सशक्त कर राजस्व वृद्धि पर भी जोर दिया जाएगा।
नगर परिषद ने विश्वास जताया कि सरकार के सहयोग और बेहतर वित्तीय प्रबंधन से सुपौल को आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र