सुपौल में 104 दिव्यांगजनों को मिलेगी बैटरी चालित ट्राईसाइकिल, डीएम ने प्रचार-प्रसार तेज करने का दिया निर्देश
सुपौल, 26 मई (हि.स.)। जिले के दिव्यांगजनों के लिए राहत और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंगलवार को समाहरणालय में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय के अंतर्गत संचालित बैटरी चालित ट्राईसाइकिल योजना के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। समीक्षा के उपरांत 104 पात्र दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की यह योजना दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले के किसी भी पात्र दिव्यांगजन को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक-से-अधिक लोग योजना की जानकारी प्राप्त कर आवेदन कर सकें।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जीविका दीदियों के माध्यम से गांव-गांव तक योजना की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीविका समूह ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत नेटवर्क के रूप में कार्य कर रहे हैं और इनके माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों तक आसानी से पहुंच बनाई जा सकती है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर भी प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए और दिव्यांगजनों को आवेदन प्रक्रिया में हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत वैसे दिव्यांगजन लाभ पाने के पात्र हैं, जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो तथा जिनकी चलंत दिव्यांगता यानी लोकोमोटर दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। इसके अतिरिक्त लाभार्थी की वार्षिक आय अधिकतम दो लाख रुपये निर्धारित की गई है।
योजना का उद्देश्य ऐसे दिव्यांगजनों को बेहतर गतिशीलता उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में आसानी से भाग ले सकें। अधिकारियों ने बताया कि बैटरी चालित ट्राईसाइकिल मिलने से दिव्यांगजनों को आने-जाने में सुविधा होगी और वे अपने दैनिक कार्यों को अधिक सहजता से कर पाएंगे। इससे उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी और वे समाज की मुख्यधारा से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे। कई दिव्यांगजन आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों के कारण आवागमन में परेशानियों का सामना करते हैं। ऐसे में यह योजना उनके लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
बैठक के दौरान स्क्रीनिंग कमिटी द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों की बारीकी से जांच की गई। दस्तावेजों एवं पात्रता मानकों के आधार पर 104 लाभार्थियों का चयन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि चयनित लाभार्थियों को जल्द ही बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है तथा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सिविल सर्जन, विशेष कार्य पदाधिकारी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय के प्रभारी सहायक निदेशक, रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव एवं जीविका के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिकाधिक पात्र दिव्यांगजनों तक लाभ पहुंचाने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करने का भरोसा दिलाया।
जिले में इस पहल को दिव्यांगजनों के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी सरकार और जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे दिव्यांगजनों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र