जिला जनता दरबार में 58 मामलों की सुनवाई, डीएम ने दिए त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश

 


सुपौल, 20 फ़रवरी (हि.स.)। समाहरणालय परिसर में आयोजित जिला जनता दरबार में आमजनों की समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे। जनता दरबार की अध्यक्षता करते हुए सावन कुमार ने कुल 58 आवेदनों की क्रमवार सुनवाई की और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मामलों के शीघ्र एवं पारदर्शी निष्पादन का सख्त निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता

दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर करते हुए आवेदकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सूचित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जनता दरबार में भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना, पारिवारिक विवाद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, बिजली एवं अन्य विभागों से संबंधित मामले प्रमुख रूप से सामने आए। कई मामलों में डीएम ने मौके पर ही संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश देकर त्वरित कार्रवाई शुरू करवाई, जबकि जटिल मामलों में जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी गयानंद यादव, अनुमंडल पदाधिकारी सुपौल एवं त्रिवेणीगंज, भूमि सुधार उप समाहर्ता सुपौल एवं निर्मली, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अमित कुमार, वरीय उप समाहर्ता पुष्पा कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि आमजन की समस्याओं का समाधान उनके दरवाजे तक पहुंचे और प्रशासन संवेदनशील एवं जवाबदेह बने। उन्होंने जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों की नियमित समीक्षा कर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया।

जनता दरबार के सफल आयोजन से लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है। कई फरियादियों ने अपनी समस्याओं की सुनवाई पर संतोष जताते हुए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र