सुपौल में बनेगा बिहार का तीसरा इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च
सुपौल, 29 जुलाई (हि.स.)। जिले के विकास और युवाओं के कौशल संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बसंतपुर अंचल के वीरपुर मौजा स्थित बनैलीपट्टी में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (आईडीटीआर) की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने इसके लिए 10 एकड़ सरकारी भूमि परिवहन विभाग, बिहार सरकार को निःशुल्क अंतरविभागीय हस्तांतरण के लिए उपलब्ध करा दी है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी द्वारा विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।
वर्तमान में बिहार में इस प्रकार का संस्थान केवल औरंगाबाद में संचालित है, जबकि पटना में एक अन्य आईडीटीआर की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में सुपौल में प्रस्तावित संस्थान स्थापित होने पर यह बिहार का तीसरा तथा उत्तर-पूर्वी बिहार का पहला अत्याधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान होगा। प्रस्तावित संस्थान में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ड्राइविंग प्रशिक्षण, सड़क सुरक्षा, आधुनिक वाहन संचालन, हल्के एवं भारी मोटर वाहनों का वैज्ञानिक प्रशिक्षण, सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण तथा अनुसंधान की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे प्रशिक्षित और दक्ष चालकों की नई पीढ़ी तैयार होगी, जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के लिए प्रतिस्पर्धी बन सकेगी।
परिवहन विभाग के अनुसार इस संस्थान की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। देश के साथ-साथ विदेशों में भी प्रशिक्षित चालकों की लगातार मांग बनी हुई है। विभाग भविष्य में भारत सरकार के माध्यम से विभिन्न देशों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) कराने की दिशा में भी प्रयास करेगा, ताकि बिहार के प्रशिक्षित युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों तथा मुख्यमंत्री के कौशल विकास, रोजगार और सुशासन के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह संस्थान कोसी और सीमांचल क्षेत्र के हजारों युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगारोन्मुख बनाएगा और क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साकार होने के बाद सुपौल की पहचान केवल एक सीमावर्ती जिले के रूप में नहीं, बल्कि कौशल विकास, सड़क सुरक्षा, आधुनिक परिवहन प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार की संभावनाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगी। यह परियोजना बिहार सरकार की दूरदर्शी विकास नीति और जनहितकारी सोच का भी महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र