सुपौल के 2.37 लाख पेंशनधारियों के खातों में पहुंचे 27.23 करोड़ रुपये

 




सुपौल, 10 जून (हि.स.)। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े सुपौल जिले के लाखों लाभार्थियों के लिए बुधवार राहत भरा दिन साबित हुआ।

राज्य सरकार की ओर से डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) व्यवस्था के माध्यम से जिले के 2 लाख 37 हजार 378 पेंशनधारियों के बैंक खातों में कुल 27 करोड़ 23 लाख 42 हजार 600 रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।

राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेंशन राशि के अंतरण की प्रक्रिया का शुभारंभ किया।

राज्यभर में 94 लाख 29 हजार 698 लाभार्थियों को 1100 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से कुल 1096 करोड़ 44 लाख 46 हजार रुपये जारी किए गए।

सुपौल में सबसे अधिक लाभ मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत मिला, जिसमें 1 लाख 55 हजार 746 लाभार्थियों के खातों में 18 करोड़ 15 लाख 41 हजार 400 रुपये भेजे गए।

इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 44 हजार 619 लाभार्थियों को 4 करोड़ 92 लाख 55 हजार 300 रुपये, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 10 हजार 454 लाभार्थियों को 1 करोड़ 15 लाख 4 हजार 400 रुपये तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना की 12 हजार 313 महिलाओं को 1 करोड़ 37 लाख 50 हजार रुपये प्रदान किए गए। वहीं बिहार निःशक्तता पेंशन योजना के 13 हजार 516 दिव्यांगजनों और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना के 730 लाभार्थियों को भी निर्धारित राशि सीधे खातों में भेजी गई।

इस अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां 100 से अधिक लाभार्थियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यस्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण देखा।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी सावन कुमार, उप विकास आयुक्त सारा अशरफ समेत कई जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि डीबीटी व्यवस्था लागू होने के बाद पेंशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है। अब लाभार्थियों को किसी बिचौलिये पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और निर्धारित समय पर राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच जाती है।

कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों ने समय पर पेंशन मिलने पर खुशी जताते हुए इसे दैनिक जरूरतों और सम्मानजनक जीवन के लिए महत्वपूर्ण सहारा बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र