सुपौल में बाल देखरेख संस्थानों का डीएम ने किया त्रैमासिक निरीक्षण

 




सुपौल, 13 जून (हि.स.)। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में गठित जिलास्तरीय निरीक्षण समिति ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों का त्रैमासिक निरीक्षण किया।

इस दौरान बच्चों के आवासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।निरीक्षण की शुरुआत सुखपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह से हुई, जहां विधि-विवादित बच्चों के आवासन और देखरेख की व्यवस्था का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने संस्थान के बेहतर संचालन के लिए आवश्यक सुझाव और निर्देश दिए।इसके बाद समिति ने पिपरा रोड स्थित यादव कॉम्प्लेक्स में संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया। यहां दत्तक ग्रहण से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।

निरीक्षण के क्रम में चैनसिंह पट्टी स्थित वृहद आश्रय गृह और वहां संचालित दो बाल गृहों का भी जायजा लिया गया। इन संस्थानों में रह रहे कुल 59 बच्चों के लिए उपलब्ध आवास, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने बच्चों से सीधे बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली और संस्थानों की स्वच्छता व समुचित व्यवस्थाओं की सराहना की।जिलाधिकारी ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को निर्देश दिया कि जिन बच्चों के माता-पिता या परिवार का पता चल चुका है, उनकी आवश्यक काउंसलिंग कर जल्द से जल्द पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अन्य जिलों के बच्चों के मामलों में संबंधित बाल कल्याण समितियों से समन्वय स्थापित कर पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।

निरीक्षण के दौरान संस्थानों में कार्यरत कर्मियों को बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर सहायक निदेशक बाल संरक्षण, सिविल सर्जन, रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन तथा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्य समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र