लोकतंत्र बचाने के लिए सुपौल में कांग्रेस का जोरदार हल्लाबोल
सुपौल, 28 सितंबर (हि.स.)। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों के समर्थन में सोमवार को सुपौल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कार्यालय से ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकाला गया।
मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। मार्च जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों से गुजरते हुए समाहरणालय पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनावी पारदर्शिता, मतदाता अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दे उठाए।
समाहरणालय के मुख्य द्वार के समीप पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहीं सांकेतिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के बाद जिलाध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच कराने की मांग की। कांग्रेस की ओर से ज्ञापन में मुख्य रूप से दो मांगें रखी गईं। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने तथा कांग्रेस द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों की जांच कर कार्रवाई करने की थी। दूसरी मांग चुनाव आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा कराने और कांग्रेस के अनुसार जिन चुनावों में अनियमितता हुई है, उनकी वैधानिक समीक्षा किए जाने की थी।
जिलाध्यक्ष अनुपम ने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि मतदाता के अधिकार, चुनावी पारदर्शिता और लोकतंत्र की संवैधानिक मर्यादा की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता का वोट सुरक्षित रहना और चुनावी संस्थाओं का निष्पक्ष रहना लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी। जब तक चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए गंभीर सवालों का निष्पक्ष समाधान नहीं होता, तब तक पार्टी लोकतंत्र की रक्षा की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
अनुपम ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सामने आई एक रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति दर्ज किए जाने की बात कही गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि इन घटनाक्रमों के बाद चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का पारदर्शी जवाब दिया जाना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया को लेकर इतने गंभीर सवाल उठ रहे थे, तो राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों को इतने समय तक खारिज क्यों किया गया। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से चुनावी प्रक्रिया से संबंधित सभी गंभीर आरोपों और आपत्तियों पर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट जवाब देने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी-शाह सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक नजदीकी को लेकर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश को इस संबंध में पारदर्शी जवाब चाहिए। अनुपम ने कहा कि कांग्रेस का संकल्प “वोट की रक्षा, लोकतंत्र की रक्षा और संविधान की रक्षा” है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को लेकर आगे भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र