सुपौल में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारी शुरू, जिलाधिकारी ने किया स्व-गणना प्रक्रिया का शुभारंभ
सुपौल, 17 अप्रैल (हि.स.)। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर सुपौल जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में शनिवार को जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी सुपौल सावन कुमार के द्वारा स्व-गणना की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह पहल जनगणना को अधिक आधुनिक, सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी सावन कुमार ने se.census.gov.in पोर्टल पर स्वयं अपना पंजीकरण कर स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत नागरिक अब अपने परिवार और घर से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के इस उपयोग से जनगणना प्रक्रिया में आम नागरिकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी। पहले जहां गणनाकारों को घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करनी पड़ती थी, वहीं अब नागरिक खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से डेटा दर्ज कर सकेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक त्वरित और सुगम हो जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि स्व-गणना की सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो तकनीक से परिचित हैं और अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करना चाहते हैं। हालांकि, जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई होगी, उनके लिए पारंपरिक तरीके से भी गणना की व्यवस्था जारी रहेगी, ताकि कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि वे अपने-अपने स्तर पर लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी कार्य नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
जिलाधिकारी ने जिले के सभी पदाधिकारियों, कर्मियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्व-गणना पोर्टल का उपयोग करें और अपने परिवार की सही एवं पूर्ण जानकारी स्वयं दर्ज करें। उन्होंने यह भी कहा कि सही आंकड़े ही भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनते हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
जनगणना 2027 के तहत पहला चरण मकान सूचीकरण एवं आवास गणना से संबंधित होगा, जिसके अंतर्गत प्रत्येक घर और उसके उपयोग से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे।
इस पहल के साथ ही सुपौल जिला डिजिटल जनगणना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुका है। प्रशासन को उम्मीद है कि लोगों के सहयोग से यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न होगी और जिले के सटीक आंकड़े देश के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र