सुपौल में आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण, बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वच्छता पर दिया गया विशेष जोर

 




सुपौल, 30 मई (हि.स.)। जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) सुपौल ने शनिवार को बाल विकास परियोजना सुपौल अंतर्गत सात आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान केंद्र संख्या 87, 88, 89, 90, 91, 92 एवं 93 का जायजा लिया गया।निरीक्षण में सभी केंद्रों पर सेविका एवं सहायिका उपस्थित पाई गईं। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने केंद्रों पर संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सेविकाओं और सहायिकाओं को निर्देश दिया कि बच्चों को निर्धारित समय पर पौष्टिक नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा स्कूल पूर्व शिक्षा को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उ

न्होंने पोषण भी, पढ़ाई भी अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षण गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने को कहा।अधिकारियों ने बच्चों की साफ-सफाई, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही पोषक क्षेत्र के सभी पात्र लाभुकों को एफआरएस के माध्यम से टेक होम राशन (टीएचआर) का समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रत्येक केंद्र से कम से कम 8 पात्र लाभुकों तथा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत 3 पात्र लाभुकों का पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा केंद्रों के संचालन को विभागीय मार्गदर्शिका के अनुरूप बनाए रखने तथा संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण करने पर भी जोर दिया गया।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देशित किया कि आंगन ऐप के माध्यम से केंद्रों के निरीक्षण के दौरान प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा गतिविधियों से संबंधित प्रतिवेदन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए, ताकि योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

इस निरीक्षण का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण, शिक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर संचालन को सुनिश्चित करना तथा लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र