सुपौल में 6 आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण, सेविकाओं को गुणवत्ता पूर्ण सेवाएं देने का निर्देश
सुपौल, 25 मार्च (हि.स.)। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस सुपौल द्वारा मंगलवार को बाल विकास परियोजना सुपौल के अंतर्गत कुल छह आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र संख्या 34,191,192,194,197 एवं 199 का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के क्रम में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविका एवं सहायिका उपस्थित पाई गईं। इस दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने सेविकाओं और सहायिकाओं को निर्देश दिया कि केंद्रों पर आने वाले बच्चों को समय पर नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा स्कूल पूर्व शिक्षा को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ‘‘पोषण भी पढ़ाई भी’’ गतिविधियों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से संचालित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चों के समुचित विकास के लिए केंद्रों पर साफ-सफाई, स्वच्छता और सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही पोषक क्षेत्र के सभी पात्र लाभुकों को एफआरएस माध्यम से टेक होम राशन का नियमित वितरण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने सेविकाओं को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रत्येक केंद्र से कम से कम 8 लाभुकों का पंजीकरण तथा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत प्रति केंद्र 3 पात्र लाभुकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन विभागीय मार्गदर्शिका के अनुरूप किया जाए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं को भी निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित और गंभीरता से निरीक्षण एवं अनुश्रवण करें। इसके अलावा सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को आंगन ऐप के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान ईसीसीई गतिविधियों से संबंधित प्रतिवेदन को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और माताओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र