‘क्या फर्क पड़ता है’ नुक्कड़ नाटक में विद्यार्थियों ने दिखाई रंगमंचीय प्रतिभा
दरभंगा, 07 अक्टूबर (हि.स.)। विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग के नाट्य विषय के तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के शिक्षाशास्त्र विभाग परिसर में समसामयिक नुक्कड़ नाटक ‘क्या फर्क पड़ता है’ की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। व्यावहारिक परीक्षा के तहत आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अभिनय, संवाद-अदायगी, सामूहिक समन्वय एवं रंगमंचीय कौशल का प्रदर्शन किया।
नाटक का आयोजन संगीत एवं नाट्य विभाग की संकायाध्यक्ष सह विभागाध्यक्ष प्रो. लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’ के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में हुआ। परीक्षा का समन्वय शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रदर्शन कला के प्राध्यापक डॉ. अक्षय कुमार ने किया।
शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार मिलन ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा में संगीत एवं नाट्य का समावेश शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रुचिकर एवं संवेदनशील बनाता है। ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक विधाओं के बीच ज्ञान एवं अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है।
संगीत एवं नाट्य विभाग ने आयोजन में सहयोग के लिए दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. हरे कृष्ण सिंह के प्रति आभार जताया। मौके पर डॉ. सुनील कुमार ठाकुर, विभागीय कर्मचारी कुंदन कुमार सहित शिक्षाशास्त्र विभाग के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी एवं करीब 100 विद्यार्थी मौजूद थे। दर्शकों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम से दोनों विभागों के बीच शैक्षणिक एवं कलात्मक समन्वय को भी मजबूती मिली
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra