जयप्रकाश विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम को लेकर छात्र संगठन ने किया हंगामा
सारण, 06 अप्रैल (हि.स.)। जयप्रकाश विश्वविद्यालय में स्नातक सेमेस्टर तीन के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही विवाद उमड़ पड़ा है। शोध विद्यार्थी संगठन के बैनर तले छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने परीक्षा में व्यापक अनियमितता और संदिग्ध अंकन का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश मार्च निकाला और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद आक्रोशित छात्रों ने कुलसचिव, डिस्टेंस एजुकेशन के निदेशक और परीक्षा नियंत्रक के कार्यालयों का घेराव कर आंदोलन किया। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणाम पूरी तरह से कॉपी-पेस्ट पद्धति पर आधारित है। छात्र नेता उज्जवल कुमार ने कहा कि सेमेस्टर तीन के परिणाम को देखकर ऐसा लगता है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ही नहीं किया गया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के एक्सटर्नल और इंटरनल के अंक एक जैसे हैं।
नेताओं ने कुलपति और परीक्षा नियंत्रक पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन केवल कागजी खानापूर्ति में व्यस्त है, जबकि छात्रों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। बिना मूल्यांकन अंक पत्र जारी करना शैक्षणिक व्यवस्था के साथ क्रूर मजाक है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन परिणाम की उच्चस्तरीय जांच और पुनर्मूल्यांकन नहीं कराता है, तो आंदोलन और उग्र होगा। उनकी प्रमुख माँगों में त्रुटिपूर्ण परिणाम वापस लेना और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करना शामिल है।
इस विरोध प्रदर्शन में अमरजीत पाल, नीरज, बिक्की, काजल कुमारी, अंजली कुमारी सहित अन्य छात्र उपस्थित थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर अपनी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन छात्रों के आक्रोश को देखते हुए कैंपस में तनाव का माहौल बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार