व्यवहार न्यायालय परिसर में न्याय के प्रतीक प्रतिमा का किया गया अनावरण
भागलपुर, 19 जून (हि.स.)।
भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में शुक्रवार को पटना उच्च न्यायालय के निरीक्षी न्यायाधीश एवं न्यायमूर्ति सुनील दत्त मिश्रा ने न्याय की प्रतीक प्रतिमा का अनावरण किया।
इस दौरान न्याय पार्क और संविधान की प्रस्तावना अंकित शिलापट्ट का भी लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और न्यायालय कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। न्यायालय परिसर में स्थापित इस प्रतिमा में एक हाथ में तराजू और आंखों पर पट्टी दर्शाई गई है, जो न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता, समानता और तटस्थता का प्रतीक है।
इस मौके पर न्यायमूर्ति सुनील दत्त मिश्रा ने कहा कि न्याय व्यवस्था का मूल उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के सभी को न्याय प्रदान करना है। यह प्रतिमा न्यायिक मूल्यों और संवैधानिक आदर्शों को लगातार स्मरण कराती रहेगी।
उल्लेखनीय है कि यह पहल न्यायालय परिसर को न केवल सौंदर्यपूर्ण बनाती है, बल्कि संविधान के मूल मूल्यों को भी जन-जन तक पहुंचाने का संदेश देती है। इसके उपरांत निरीक्षी न्यायाधीश ने भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न न्यायालय भवनों, व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने न्यायिक कार्यों के संचालन से जुड़े पहलुओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा भी की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर के तहत आयोजित कार्यक्रम में न्यायमूर्ति सुनील दत्त मिश्रा ने विशेष रूप से भाग लिया। इस दौरान स्कूली बच्चों के बीच बैग, पेंसिल और शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। वहीं दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, बैसाखी और श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा विभिन्न मामलों के पीड़ितों को सहायता राशि के चेक भी दिए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर