राज्य के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए : मुख्यमंत्री
Bihar, 13 जून (हि.स.)।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार' में जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक धरोहर और गंगा तट राज्य की अमूल्य संपदा हैं, जिनका संरक्षण और विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिये राज्य के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही इन स्थलों के संबंध में सही एवं विस्तृत जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि देश-विदेश के अधिकाधिक पर्यटक बिहार की समृद्ध विरासत से परिचित हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करना है और इसकी गौरवगाथा
को नई पीढ़ी और पर्यटकों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विशेष योजनाएं तैयार की जायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा तट क्षेत्र के विकास को राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कुर्जी घाट से काली घाट तक समेकित विकास (समग्र उद्यान) योजना तैयार करें। समग्र उद्यान के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाकर इसे नागरिकों एवं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनायें।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटकीय सुविधाओं, सार्वजनिक अवसंरचना, हरित क्षेत्रों एवं नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों एवं योजनाओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुये तेजी से कार्य पूर्ण करें।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी