जनकवी बाबा नागार्जुन की जयंती पर तरौनी में राजकीय समारोह आयोजित

 


दरभंगा 01 जुलाई (हि.स.)।

जनकवी बाबा नागार्जुन की जयंती के अवसर पर दरभंगा जिला अंतर्गत बेनीपुर प्रखंड के तरौनी गांव में बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा नागार्जुन के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।

समारोह दो सत्रों में आयोजित हुआ। प्रथम सत्र में बाबा नागार्जुन के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं साहित्यिक योगदान पर परिचर्चा हुई, जबकि दूसरे सत्र में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, काव्य पाठ तथा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

परिचर्चा को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि बाबा नागार्जुन केवल एक कवि नहीं, बल्कि जनभावनाओं के सशक्त स्वर थे। उन्होंने बाबा की प्रसिद्ध उक्ति नवतुरिया आगा आबू का उल्लेख करते हुए युवाओं से मिथिला, मैथिली भाषा और अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि बाबा नागार्जुन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जितनी प्रतिष्ठा मिली, उतनी पहचान उन्हें अपने क्षेत्र में लंबे समय तक नहीं मिल सकी। वैद्यनाथ मिश्र 'यात्री' के नाम से मैथिली तथा बाद में 'नागार्जुन' नाम से हिंदी सहित अनेक भाषाओं में लेखन करने वाले इस जनकवि ने अपनी रचनाओं में सामाजिक विसंगतियों, संघर्ष और आम जनजीवन को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। विधायक ने वर्ष 1966 के अकाल और 1975 के आपातकाल पर लिखी गई उनकी रचनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे केवल साहित्य नहीं, बल्कि जनचेतना के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं।

प्रो. चौधरी ने बताया कि उनके प्रयास और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति से वर्ष 2022 से बाबा नागार्जुन की जयंती को राजकीय समारोह का दर्जा मिला, जिसके बाद प्रत्येक वर्ष सरकारी स्तर पर इसका आयोजन किया जा रहा है।

इस अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए चित्रांकन एवं काव्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। समारोह में अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वासुकीनाथ झा, बाबा नागार्जुन स्मृति मंच के अध्यक्ष ऋषभ कुमार, सचिव हंसिका कश्यप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, बुद्धिजीवी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने जनकवि बाबा नागार्जुन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra