खुली सीमा, लेकिन सुरक्षा में नहीं होगी ढिलाई

 


किशनगंज, 21 अगस्त (हि.स.)। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा सीमा पार होने वाली तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर ठाकुरगंज में भारत और नेपाल के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई।

दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को लेकर विस्तार से मंथन किया। 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज के परिसर में भारत-नेपाल सीमा जिला स्तरीय समन्वय समिति की 19वीं बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मादक पदार्थों एवं प्रतिबंधित सामान की तस्करी, सीमा पार अपराध, संदिग्ध गतिविधियों तथा आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि भारत-नेपाल की खुली सीमा दोनों देशों के सामाजिक और आर्थिक संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी है।

हालांकि, खुली सीमा का लाभ उठाकर तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम दिए जाने की चुनौती भी बनी हुई है। ऐसे में दोनों देशों की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सीमा क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सीमा पार अपराध की सूचना मिलने पर संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। आपात स्थिति में दोनों देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई करेंगी।

बैठक में किशनगंज के जिलाधिकारी नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार, नेपाल के झापा के प्रमुख जिला अधिकारी शिवराम गेलल, मोरंग के प्रमुख जिला अधिकारी युवराज कटेल, नेपाल पुलिस के पुलिस अधीक्षक, सशस्त्र पुलिस बल के पदाधिकारी सहित दोनों देशों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट रहा कि सीमा खुली रहे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई न हो।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह