ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण पर जोर

 


बक्सर, 11 अप्रैल (हि.स.)।

पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की फ्लैगशिप पहल “ज्ञान भारतम मिशन” को प्रभावी बनाया जाएगा। इसके क्रियान्वयन के लिए जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में सीताराम उपाध्याय संग्रहालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। जिसमे जिले के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी संगठनों और व्यक्तियों से अपील की गई कि वे अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों की जानकारी उपलब्ध कराएं।

जिला प्रशासन ने निर्देश दिया कि कम से कम 75 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जाए और साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाने तथा लोगों को “ज्ञान भारतम मोबाइल एप” पर पांडुलिपियों को अपलोड करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।

प्रत्येक प्रखंड में दो पांडुलिपि सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जो संबंधित संस्थानों और व्यक्तियों से संपर्क कर डेटा संकलित करेंगे। मिशन का उद्देश्य पांडुलिपियों का संरक्षण करते हुए उनमें निहित भारतीय ज्ञान परंपरा को शोध, अनुवाद और प्रकाशन के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार ओझा