सीवान शहर को स्मार्ट और स्वच्छ बनाने की कवायद तेज

 


सीवान, 09 जून (हि.स.)।सीवान शहर के सुनियोजित विकास, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को लेकर मंगलवार को समाहरणालय सभागार में नगरीय प्रशासन की चुनौतियां विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सीवान सदर विधायक सह प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष मंगल पांडेय ने की. बैठक में नगर परिषद की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि नगर परिषद सीवान में पारदर्शी शहरी शासन, नागरिक केंद्रित सेवाओं, पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। शहर की पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

दिन-रात चल रहा सफाई अभियान

डीएम ने बताया कि 16 फरवरी 2026 से आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से शहर में दिन और रात दोनों समय सफाई कार्य कराया जा रहा है.सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए नए ट्रैक्टर, जेसीबी, ट्राई साइकिल और व्हील बैरो खरीदे गए हैं। वहीं नालों और कलवर्टों की सफाई के लिए सक्शन एवं जेटिंग मशीन की खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

रोज निकलता है 130 टन कचरा

बैठक में बताया गया कि नगर परिषद क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 130 टन कचरा निकलता है। इसके वैज्ञानिक निस्तारण के लिए हुसैनगंज अंचल के प्रतापपुर मौजा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर) स्थापित करने की दिशा में पहल की गई है और इसके लिए भूमि चयन के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी किया जा चुका है।

दाहा नदी को फिर से मिलेगी नई पहचान

सीवान की जीवनरेखा कही जाने वाली दाहा नदी के सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला प्रशासन और नगर परिषद द्वारा नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने, अतिक्रमण हटाने, घाटों के विकास और जीर्णोद्धार के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना शहर की पहचान बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।

मुक्तिधाम में बना अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह

शहर के कंधवारा स्थित मुक्तिधाम में 8.75 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा सड़क, नाली, पेयजल आपूर्ति, ट्रेड लाइसेंस और रैन बसेरा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।

राजस्व बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती

बैठक में यह भी स्वीकार किया गया कि नगर परिषद को अपेक्षित राजस्व प्राप्त नहीं होने से वित्तीय संसाधनों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वेतन, मानदेय और अन्य भुगतानों को बैंक खातों के माध्यम से किया जा रहा है.

परिचर्चा में नगर परिषद के सभापति, उपसभापति, कार्यपालक पदाधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया तथा शहर के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव रखे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma