नौका हादसे में लापता भाई की राह तक रहीं दो बहनें, हाथ में राखी और आंखों में आंसू
भागलपुर, 28 अगस्त (हि.स.)।
रक्षाबंधन का त्योहार जहां पूरे देश में खुशियां और उमंग लेकर आया है, वहीं भागलपुर की दो बहनों—लुशी और शोभा के लिए यह पर्व गहरे दर्द और अंतहीन इंतजार में बदल गया है। दोनों बहनों के हाथों में राखी तो है, लेकिन कलाई सूनी है। उनके दिल में बस एक ही उम्मीद बची है कि उनका लापता भाई बादल मंडल सुरक्षित वापस लौट आए, ताकि वे उसकी कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकें।
मिली जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले भागलपुर के राघोपुर तटबंध के पास एक दर्दनाक नौका हादसा हुआ था। इस हादसे में बादल मंडल नदी में डूब गए थे। घटना के बाद से लगातार खोजबीन जारी है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। भाई के लापता होने के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रोती-बिलखती बहनों, लुशी और शोभा ने रुंधे गले से कहा, आज रक्षाबंधन का पावन पर्व है। अगर हादसे में लापता हमारे भाई बादल का कुछ भी पता चल जाता है, तो हम सबसे पहले उसकी कलाई पर राखी बांधेंगी।
बहनों के लिए इस समय त्योहार के कोई मायने नहीं हैं, उनकी एकमात्र प्राथमिकता अपने भाई की सुरक्षित वापसी है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने खुद पीड़ित परिवार और दोनों बहनों से मुलाकात की। बहनों को इस तरह बदहवास और रोते-बिलखते देख जिलाधिकारी भी अपने आंसू नहीं रोक सकीं और भावुक हो गईं। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन पूरी गंभीरता और मुस्तैदी के साथ बादल मंडल की तलाश में जुटा हुआ है। रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है ताकि जल्द से जल्द लापता युवक का पता लगाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर