छात्र आंदोलन के समर्थन में नागरिकों ने निकाला मौन जुलूस

 


भागलपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को भागलपुर के नागरिकों, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने एकजुटता दिखाते हुए एक जुलूस निकाला। शांति और अनुशासन की मिसाल पेश करते हुए इस जुलूस में समाज के हर वर्ग ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मौन जुलूस की शुरुआत तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के गांधी विचार विभाग स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा से हुई। यहाँ से शुरू होकर यह जुलूस शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ स्टेशन चौक पहुंचा।

स्टेशन चौक पर उपस्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष पहुंचकर इस शांतिपूर्ण मार्च का समापन हुआ। पूरे जुलूस के दौरान कहीं कोई नारेबाजी नहीं हुई। प्रतिभागी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर खामोशी से आगे बढ़ते रहे। इस आंदोलन को शहर के प्रबुद्ध वर्ग का व्यापक समर्थन मिला। जुलूस में बड़ी संख्या में कॉलेज के छात्रों के अलावा विश्वविद्यालय के शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने एक सुर में शिक्षा, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। जुलूस के समापन पर आयोजन समिति के वक्ताओं ने कहा कि यह मौन जुलूस देश के छात्रों की जायज मांगों और उनके संघर्ष को समर्थन देने के लिए आयोजित किया गया है।

वक्ताओं ने सरकार से अपील की कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर लाठी और दमन के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया जाए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के संवेदनशील चौराहों और जुलूस के मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक सतर्कता और प्रदर्शनकारियों के अनुशासन के कारण पूरा कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। अंत में आयोजकों ने इस सफल मार्च के लिए सभी छात्रों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर